google.com, pub-7859222831411323, DIRECT, f08c47fec0942fa0 भ्रष्टाचारियों का बचाव करने वालों पर हो सख्त कारवाई

भ्रष्टाचारियों का बचाव करने वालों पर हो सख्त कारवाई

कहते हैं कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता है। जब हम सोच भी नहीं सकते तब अचानक से हमारी जिंदगी में कुछ बहुत बड़ा परिवर्तन आ जाता है। ऐसा ही परिवर्तन आया 2016 में जब बीजेपी के एक नेता दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ कुछ अपशब्द कह दिए जिसको लेकर बसपा के कार्यकर्ताओं ने बहुत उत्पात मचा दिया। दयाशंकर सिंह के बयान का बदला उनके परिवार से लिया जाने लगा। 

उनकी बेटी, पत्नी यहां तक की उनकी बूढी मां को भी नहीं बख्शा गया और अपशब्द कहते हुए उन्हें विवाद में घसीट लिया गया। तब अचानक से स्वाति सिंह का वह रूप निकल कर सामने आया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।
Minister Swati Singh Audio Gone Viral (Pic: navbharattimes
एक पॉलिटिशियन की पत्नी होते हुए बेहद साधारण जिंदगी जीने वाली स्वाति सिंह 'चंडी' बनकर अपने परिवार के बचाव में उतर आयीं। बीएसपी के दबाव में बैकफुट पर आयी बीजेपी के लिए स्वाति सिंह ने नया रास्ता खोल दिया। बीजेपी के खिलाफ बह रही हवा के रुख को बसपा के तरफ मोड़ कर मायावती को घेरने वाली स्वाति सिंह को रातोंरात भारतीय जनता पार्टी में शामिल कर लिया गया।

स्वाति सिंह की किस्मत के सितारे बुलंदी पर थे और लखनऊ के सरोजनी नगर विधानसभा की वह सीट जो बीजेपी कभी जीत नहीं पाई थी वहां से वह विजयी हुईं और उत्तर प्रदेश में मंत्री का पद संभल रही हैं। 

इसमें कोई शक नहीं है कि स्वाति सिंह एक तेजतर्रार नेता साबित हूं और विपक्षियों को वो लागातार निशाने पर लेती रहीं। शायद यही वजह है कि उन्हें बहुत सारे चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार दल में भी शामिल किया गया। बहुत कम समय में स्वाति सिंह स्मृति ईरानी और सुषमा स्वराज जैसे 'फायर ब्रांड'  नेताओं की लिस्ट में शामिल हो गयीं। 

लेकिन इसी को राजनीति कहते हैं, यहाँ जितनी जल्दी लोग ऊपर चढ़ते हैं उतनी ही जल्दी नीचे भी आ जाते हैं और अपने आपको नहीं संभाला तो परिदृश्य से गायब भी हो जाते हैं। ऐसा ही शायद मंत्री स्वाति सिंह के साथ भी हो रहा है। कभी अपने बयान तो कभी अपने द्वारा किए गए कार्यों को लेकर वह हमेशा विवादों में फंसती नजर आ रही हैं। अभी ताजे मामले की बात करें तो उनके द्वारा लखनऊ के सीओ (CO)को धमकी देने का मामला तेजी से मीडिया में छाया हुआ है। 

स्वाति सिंह पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने लखनऊ के 'रियल स्टेट' व्यवसायी सुशील अंशल' के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए वह लखनऊ के कैंट सीओ 'बीनू सिंह' को धमकी दे रही हैं। हालाँकि नेताओं और राजनीतिक लोगों द्वारा पुलिस को अपने इशारों पर नचाना कोई नई बात नहीं। अक्सर अपने पॉवर से नेता लोग पुलिस को खुल कर काम नहीं करने देते हैं। 

वहीं स्वाति सिंह ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि सीओ 'बीनू सिंह' अपना काम सही से नहीं करती हैं और बेवजह लोगों को परेशान करती हैं। सीओ बीनू सिंह के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं हुआ लेकिन अगर ऐसा है भी तो किसी भी जनप्रतिनिधि को पुलिस को फोन पर धमकी देने का अधिकार नहीं प्राप्त है। हाँ अगर आप कुछ करना चाहती हैं तो उसके और भी दूसरे रास्ते मौजूद हैं लेकिन किसी अधिकारी को धमकी देना शायद उचित नहीं है। 

स्वाति जिस 'अंसल ग्रुप'  के लिए फोन पर धमकी दे रही हैं उन पर 150 से भी ज्यादा मुक़दमे दर्ज हैं। इस ग्रुप ने लोगों के पैसे लेकर उनके साथ पॉपर्टी के नाम पर धोखा किया है। जाहिर है ये किसी गरीब और बेसहारा का मामला तो है नहीं जिसे पुलिस द्वारा दबाया जा रहो। अरबों के गबन के मामले जेल में बंद प्रणव अंसल के लिए मंत्री का इतना एफर्ट लगाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।

इस सन्दर्भ में लखनऊ के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाति सिंह को फटकार लगायी है तो लखनऊ डीजीपी से 24 घंटे के अंदर पूरे मामले पर रिपोर्ट भी मांगी है। उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामला निष्कर्ष तक पहुंचेगा और आगे भविष्य में कोई भी अपने पॉवर का दुरूपयोग करने से बचेगा।

-विंध्यवासिनी सिंह 

Web Title: Minister Swati Singh Audio Gone Viral



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