google.com, pub-7859222831411323, DIRECT, f08c47fec0942fa0 पीएम मोदी की वो बातें जो युवाओं के लिए प्रेरणा हैं

पीएम मोदी की वो बातें जो युवाओं के लिए प्रेरणा हैं



Modi in Temple (Pic: nagpurinfo)
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी नरेंद्र मोदी कम मशहूर नहीं थे, लेकिन जैसे ही वो केंद्र की राजनीति में सक्रीय हुए देखते ही देखते पूरे देश में छा गए। साल 2014 की लोकसभा के चुनाव में जब वो देश के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में उतरे तो उनकी यह लोकप्रियता 'मोदी लहर' के नाम से सबकी जुबान पर चढ़ गयी। हालाँकि प्रधानमंत्री बनने के बाद ऐसे कई मौके आये जब परिस्थितियां इनके पक्ष में नहीं रहीं और लोगों के बीच यह सन्देश जाने लगा कि मोदी लहर अब समाप्त हो रही है, लोगों का मोदी में अब आकर्षण नहीं रहा। लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव ने यह साबित कर दिया कि लोगों कि अंदर मोदी का आकर्षण बरकरार है और 'मोदी लहर' अब 'सुनामी' बन चुकी है। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार बीजेपी को ज्यादा वोट मिला है तो इसके पीछे निःसंदेह बहुत बड़ा हाथ नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व का है। अगर आज के युवा पीढ़ी के बारे में कहा जाये तो ऐसी बहुत सारी बातें हैं जो युवा पीढ़ी को प्रधानमंत्री मोदी से सीखना चाहिए। इस कड़ी में सबसे पहला नंबर है 

मोदी वर्सेस मोदी 
इस मामले में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरों से अलग हैं, जहाँ  हर किसी का कोई न कोई रोल मॉडल होता है जिसे वो फॉलो करता हैं वहां अपने  राजनीतिक कैरियर में मोदी ने स्वयं का  एजेंडा सेट किया है और उस एजेंडे पर वो पूरी तैयारी के साथ चलते भी दिखे हैं। यह सबसे बड़ा गुण हैं और इससे अधिकांश युवा पीढ़ी परेशान रहती हैं। लोग अक्सर अपनी तुलना दूसरों से करते हैं और निराशा के शिकार हो जाते हैं, लेकिन तुलना हमेशा अपने आप से होनी चाहिए तब जा कर आप अपना विकास कर पाएंगे। अन्यथा निराशा आपके अंदर घर कर जाएगी।

हार नहीं मानने की आदत 
 जिस प्रकार से 2019 के लोक सभा के पहले प्रधानमंत्री की मोदी के खिलाफ माहौल था, उससे साधारण इंसान के हौसले पस्त हो जाते, लेकिन  PM  मोदी अंतिम समय तक प्रयास करते रहे और अंततः माहौल को अपने पक्ष में मोड़ते हुए भारी मतों से विजय भी हासिल की। यह जीत उनकी जिजीविषा का ही परिणाम है। राजनीति कूटनीति और बाकी तमाम वस्तुओं का प्रयोग करके वह अंतिम समय तक लड़ाई में बने रहे, चुनाव के दौरान उनके एक बयान को अगर आप देखें तो आसानी से समझ जायेंगे उनके जुझारूपन उन्होंने  एक पब्लिक मीटिंग में कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता, वोटरों के बहकावे में ना आएं और प्रत्येक मतदाताओं तक अवश्य पहुंचे। आप लोग इस भ्रम में न फंसे कि मोदी जीत गया है। तात्पर्य है कि मोदी जब तक जीत न जाए तब तक शांत होना नहीं चाहते हैं और यह उनकी बड़ी खूबी है। युवा पीढ़ी को मोदी से प्रेरणा लेते हुए यह धायण रखना चाहिए की हार नहीं अन्ते हुए अगर आप अपने काम पर डटें रहे तो सफलता जरूर मिलेगी।
Modi on Ro Ro Ferry (Pic: sakshi.com)

राजनीति में समर्पण 
राजनीति में अक्सर यह समझा जाता है कि येनकेन -प्रकारेण सत्ता में बने रहना है। हालाँकि ऐसा सभी चाहते हैं लेकिन जब फैसले कठिन हो उससे लोगों के नाराज होने यहाँ तक कि सत्ता जाने का खतरा हो तो कई बार लोग ऐसे फैसले लेने से बचते नजर आते हैं। वहीं नरेंद्र मोदी इस मामले में बाकी लोगों से बिल्कुल अलग खड़े दिखते हैं। अपने 5 साल के कार्यकाल में मोदी ने कई अप्रिय फैसले लिए जो संभवतः दूसरा राजनेता नहीं ले सकता था। मोदी यह जानते थे कि यह राजनीति की डिमांड हैं इसलिए उन्होंने यह फैसले लेने में हिचक नहीं दिखलाई। परमाणु हथियार से संपन्न पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक करना अपने आप में एक बेहद बड़ा कदम था जिसका परिणाम कुछ भी हो सकता था लेकिन जब यह काम जरुरी लगा तो इसे किया गया। हालाँकि कई लोग इसकी आलोचना कर सकते हैं, कई लोग इसकी प्रशंसा कर सकते हैं किंतु नरेंद्र मोदी को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। राजनीति की डिमांड थी कि उन्हें निर्णय लेना चाहिए था और उन्होंने यह निर्णय लिया। इसी तरह युवाओं को भी जरुरी निर्णय लेते समय बहुत ज्यादा वक्त नहीं लगाना चाहिए , क्योंकि वक्त के बीत जाने के बाद सही निर्णय का भी कोई मोल नहीं होता है।

काम को प्राथमिकता 
जब आप लीडर बनाना चाहते हैं तो इतनी आसानी से कोई आपको अपना लीडर नहीं मान लेता है, बल्कि आपको यह साबित करना पड़ता है कि आपके अंदर वह क्वालिटी है जिससे आप लोगों को रास्ता दिखा सकते हैं और आगे बढ़कर नेतृत्व कर सकते हैं। निश्चित रूप से उनसे कई क्षेत्रों में आगे बढ़ कर चलना भी होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अब यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि वह 16 से लेकर 18 18 घंटे तक कार्य करते हैं, बिना थके बिना रुके चुनाव के दौरान वो लगातार रैलियां भी करते हैं तो इसी दौरान अगर कोई राजनीतिक फॉरेन ट्रिप हो तो उसे भी अटेंड करते हैं। निश्चित रूप से इस मामले में भारत में ऐसा कोई राजनेता नहीं दिखता जो उनके जितना कार्य करता हो। वहीं प्रधानमंत्री मोदी के छुट्टी ना लेने की भी बात कही जाती है और यह अक्षरसः सत्य भी है। हालाँकि इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे राजनेता काम नहीं करते हैं बल्कि इसका मतलब यही है कि इस मामले में बेहद अलग हैं। इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि जो आपका काम हैं उसमे बिना डेडिकेशन के आप बहुत लम्बा चल पाएंगे, इसलिए पीएम मोदी का गुण आज के युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय हैं।
Modi with Partners (Pic: narendramodi.in)


सहयोगियों को साथ ले के चलने का हुनर 
अक्सर इस बात की आलोचना होती है कि मोदी अपने पार्टी के लोगों को भाव नहीं देते और उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन  फिगर और फैट्स को देखें तो इस बात में काफी सच्चाई नजर आएगी कि मोदी अपने सहयोगियों को काफी अहमियत देते हैं। आप देख सकते हैं कि बीजेपी की हर राज्य में  छोटी छोटी पार्टियों से गठबंधन है। यह बात दर्शाता है कि वह अपने धुर विरोधी पार्टियों को भी अपने साथ जोड़ने में सफल रहे हैं। वहीं अगर बड़ी पार्टियों की बात करें तो बिहार में जदयू और महाराष्ट्र में शिवसेना जैसे घटक दल जो पहले उनके विरोध में दिख रहे थे लेकिन आज उनके साथ खड़े हैं। निश्चित रूप से तमाम विरोधी नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी की इस खूबी को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं हैं कि फिल्ड चाहें जो भी अपने सहयोगियों को साथ लेके चले बिना आप बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकते।


जनता की नब्ज पकड़ना 
अगर आप एक नेता हैं तो आपके अंदर यह हुनर तो होना ही चाहिए, अगर आप लोगों के मूड को, जनता की पसंद को नहीं पहचान सकते तो बहुत मुश्किल हैं लम्बे समय तक सत्ता में बने रहना। अगर इस सन्दर्भ में PM मोदी की बात करें तो वो बखूबी जानते हैं की जनता से किस प्रकार जुड़ा जा सकता हैं। आप वाराणसी सहित मोदी के तमाम जनसभाओं को देख लीजिए जिस प्रकार से जनता से सीधा संवाद रखने में प्रधानमंत्री मोदी विश्वास रखते हैं वैसा शायद ही कोई दूसरा नेता कर पाता हो। चुनाव से पहले भी मन की बात के माध्यम से वह जनता से रूबरू रहे हैं। युवाओं को अगर अपने नौकरी में व्यवसाय में तरक्की पाना हैं तो सीधा संवाद करने की कला और लोगों से जुड़ने की कला पर भी ध्यान देना होगा।

Tech sevi Modi (Pic: divyabhaskar)

मॉडर्न चीजों से अपडेट 
टेक्नोलॉजी पर जितना भरोसा हमारे पीएम मोदी को है इतना भरोसा शायद ही किसी दूसरे लीडर को होगा। जब 2014  का चुनाव शुरू हुआ तभी से मोदी अपने कार्यकर्ताओं को लगातार निर्देशित करने लगे सोशल मिडिया पर सक्रीय रहने के लिए। कहना मुश्किल नहीं है कि सोशल मीडिया हो या दूसरे तरह की टेक्नॉलॉजी हो इसमें हमारे प्रधानमंत्री युवाओं से कदमताल करते नजर आते हैं। टेक्नोलॉजी की जितनी समझ पीएम को है और जिस तरह से वह इनोवेशन की बात करते हैं आप उनकी वेबसाइट देखिए या उनका ऐप देखिए आपको अंदाजा लग जायेगा। लोगों से इंटरेक्शन करने का उनका तरीका देखिए बेहद अलग हैं पबजी जैसे शब्दों के इस्तेमाल से वो लोगों को बेहद एंटरटेन भी करते हैं। लक से हटकर काम करने के मामले में भी नरेंद्र मोदी दूसरों से बिलकुल अलग हैं, अभी हाल ही में जिस तरह से अक्षय कुमार को उन्होंने एक गैर राजनीतिक इंटरव्यू के नाम पर इंटरेक्शन किया उसकी प्रशंसा हो चाहे आलोचना किंतु यह आईडिया इनोवेटिव है। एक तरफ जहाँ आम चुनाव की धूम हैं सभी पार्टिया जी-जान से राजनीति में लगी हैं वहीं प्रधानमंत्री मोदी अपना गैर राजनैतिक  इंटरव्यू देते हैं। यही सोच नरेंद्र मोदी को चर्चा के केंद्र में लाती हैं और उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती हैं। पीएम मोदी के इस गुण को हर युवा को ध्यान में रखना चाहिए और जितना संभव हो सके अपने आपको नयी चीजों को सीखने के मामले में अपडेट रखना चाहिए। 

-विंध्यवासिनी सिंह 

   

Post a Comment

0 Comments