google.com, pub-7859222831411323, DIRECT, f08c47fec0942fa0 फॉरगेट एण्ड फॉरगिव

फॉरगेट एण्ड फॉरगिव



जीवन में हमें कई ऐसे लोगों साथ भी सम्बन्ध निभाना पडता है, जिन्हें हम नापसंद करते हैं. यह सम्भव नहीं है कि हमारे आसपास केसभी लोगों का व्यवाहर और विचार हमारे मन मुताबिक हो. अगर कोई इंसान बुरे व्यवहार के आधार पर एक-एक करके लोगों से रिश्ते खत्म करता रहेगा तो अंतत: उसके जीवन में एक ऐसी स्थिति आएगी, जब वह बिलकुल अकेला पड़ जाएगा. इसका मतलब यह नहीं है कि आप हर गलत व्यवहार को चुपचाप सहन करते रहें. किसी का कोई व्यवहार आपको गलत लगता है तो उसे उसी समय टोकना चाहिए. अगर कभी आपको यह मालूम हो कि आपके किसी करीबी दोस्त या रिश्तेदार ने आपको धोखा दिया है तो उसके सामने अपनी नाराजगी का इजहार जरूर करें. चाहें तो अपने रिश्ते में थोडी दूरी भी बना लें, लेकिन उसके साथ हमेशा के लिए दुश्मनी का रिश्ता ना बनाएं. 

उसके बारे में लोगों से चर्चा करना बंद कर दें तो आपके लिए उस कटु अनुभव को भूलना आसान हो जाएगा. रिश्तों की कड़वाहट भुलाने के लिए हमें सही समय का इंतजार करना चाहिए. वक्त के साथ बुरी यादों की तसवीर अपने आप धुंधली हो जाती है. माफ करें, मस्त रहें अंग्रेजी में एक कहावत है- फॉरगेट एण्ड फॉरगिव. हमें भी इस अमल करने की कोशिश करनी चाहिए. एक बार इस ओर कदम बढाकर तो देखें आपको खुद बहुत अच्छा महसूस होगा. अगर दूसरों के व्यवहार से हमें कष्ट भी पहुंचता है तो हमें अपनी ओर से कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए, जिससे हमारा कष्ट और बढ जाए. नकारात्मक बातों को पीछे छोड कर उत्साह के साथ आगे बढने का ही नाम जिन्दगी है. इसलिए हमें अपने आप से यह वादा करना चाहिए कि वैसी बातों के लिए हमारे मन में कोई जगह नहीं होगी, जिनसे हमें दुख पहुंचता है.




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