google.com, pub-7859222831411323, DIRECT, f08c47fec0942fa0 बच्‍चों की बेहतर नींद के लिए दादी मां के नुस्खे

बच्‍चों की बेहतर नींद के लिए दादी मां के नुस्खे

हर बात के लिए डॉक्‍टर के पास जाना हमारी आदत में शुमार हो चुका है। और अपनी इस आदत के चलते हम बच्‍चों की छोटी-छोटी समस्‍याओं के लिए भी डॉक्‍टर का रुख करते हैं। इसकी बड़ी वजह अज्ञानता और बच्‍चों के स्‍वभाव की जानकारी की कमी होती है। बच्‍चों को जब कफ़ की समस्‍या होती है, तो माता-पिता चिंतित हो उठते हैं। 

कफ की वजह से बच्‍चों को सांस लेने में भी परेशानी होती है। लेकिन, इसका एक आसान सा घरेलू उपाय है, जो बरसों से हमारे बड़े- बुजुर्ग करते आए हैं। पहले के जमाने में भी रात को सोते समय बच्‍चों को शहद चटाया जाता था। अब इस उपचार पर वैज्ञानिक मुहर भी लग चुकी है। यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि रात को सोने से पहले बच्‍चों को शहद का सेवन करने से उन्‍हें नींद और कफ की समस्‍या नहीं होती। यह निष्कर्ष है उस अध्ययन का जिसमें अभिभावकों से बतौर प्रयोग ऐसा करने को कहा गया था। ऐसा पाया गया कि जिन बच्चों को सोने से पहले नियमित रूप से रोजाना एक चम्मच शहद खिलाया गया वे रात में बेहतर तरीके से नींद पूरी कर सके। इतना ही नहीं, बच्चों में आमतौर पर होने वाली कफ की बीमारी भी जाती रही। अध्ययन में कहा गया है कि गले को साफ करने में किसी अन्य औषधि से शहद बेहतर है। 

इससे एक बात तो साफ हो गई है कि दादी मां के घरेलू नुस्‍खे एकदम सटीक होते थे। वे आज भी अपना असर रखते हैं। इससे पहले अमेरिका के स्वास्थ्य सलाहकारों ने चेतावनी दी थी कि कफ के निवारण के लिए बाजार में उपलब्ध दवाएं छह साल की उम्र से कम के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। इस लिहाज से शहद एक बेहतर वैकल्पिक औषधि है।

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