देखना दिलचस्प होगा गौतम आगे के लिए कितने 'गंभीर' हैं

गौतम गंभीर का नाम भला कौन नहीं जानता है 2011 विश्व कप विजेता टीम के महत्वपूर्ण हिस्सेदार रहे गौतम गंभीर अपने क्रिकेट करियर में एवरेज से काफी ऊपर खिलाड़ी रहे कहा जाता है कि गौतम गंभीर कप्तान बनने की रेस में आगे थे लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के रूप में भारत के पास पहले ही बेहतर ऑप्शन आ चुका था और इस वजह से गौतम गंभीर को संतोष करना पड़ा. एक बेहतरीन खिलाड़ी से एक कप्तानी की कसर उन्होंने पूरी की आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर के कैप्टन के रूप में, जब उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर केकेआर को खिताबी जीत दिलाई और अपने खिलाड़ियों में असीम उत्साह का संचार करने में सफल रहे. गौतम गंभीर को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है जिन्होंने ना केवल मैदान पर अपने बल्ले से जौहर दिखाया बल्कि अपने आक्रामक तेवरों से विपक्षी को दबाव में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 

गौतम गंभीर को क्रिकेट राजनीति में कुछ खास दिलचस्पी रही हो ना रही हो लेकिन माना जाता है कि 2015 विश्व कप में है उनके साथ थोड़ी नाइंसाफी हुई जब उन्हें चुना नहीं गया. हालांकि दिल्ली का यह खिलाड़ी चर्चित रहा और विभिन्न मंचों पर सक्रिय भी. कहा जा रहा है कि बदलते वक्त के साथ गौतम गंभीर में परिपक्वता आयी है और वह यह बात बखूबी समझ रहे हैं संभवत इसीलिए उनके राजनीति में आने की संभावना भी जताई जा रही है. आप ऐसे समझ सकते हैं कि गौतम गंभीर ने तमाम क्रिकेट इनफॉर्मेटों से रिटायरमेंट की घोषणा के बाद नवजोत सिद्धू की यह कह कर आलोचना की है कि नवजोत सिंह सिद्धू को देशवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है. इसी के साथ गौतम गंभीर ने अरविंद केजरीवाल की आलोचना कर के भी अपना ब्राउज़र और नजरिया एक तरह से साफ कर दिया है. वहीं वो मानते भी हैं कि अगर राजनीति में मौका मिला तो लोगों के साथ सीधा जुड़ना उनकी सेवा करना पसंद करेंगे. अगर गौतम गंभीर के क्रिकेट कैरियर की बात की जाए तो... 

 उनसे जुड़े रिकॉर्ड निम्नलिखित है
 गंभीर को साल 2009 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इसी साल इन्हे आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द इयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ. इसके अलावा लगातार 5 टेस्ट मैचों में 5 शतक लगाने वाले पहले भारतीय और विश्व के चौथे नंबर के बल्लेबाज हैं गौतम गंभीर. इसके साथ ही वह सर विवियन रिचर्ड्स के बाद दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने ग्यारह टेस्ट मैचों में लगातार 11 अर्धशतक बनाये हैं. वहीं अगर आईपीएल की बात की जाये तो गंभीर ने 2017 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए क्रिस लिन के साथ मिलकर गुजरात लायंस के खिलाफ 184 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भी की है. इसमें सबसे बड़ी बात कि गंभीर ‘द गौतम गंभीर फाउंडेशन’ चलाते हैं जो शाहिद सैनिकों के बच्चों और गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा और भोजन मुहैया कराता है. 

 विवादों से भी रहा नाता

 2010 में, एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी कामरान अकमल के जोरदार अपील को लेकर गंभीर मैदान पर उनसे उलझ गए. 2007 में शाहिद अफरीदी से भिड़े, तो वहीं भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 2012 में गौतम गंभीर के खिलाफ बीसीसीआई में कम्प्लेन करा दिया. इतना ही नहीं गंभीर आईपीएल 6 के दौरान विराट कोहली के साथ भी उलझ चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के दो पब मालिकों के खिलाफ भी मोर्चा खोला था जब उन्होंने बिना परमिशन गौतम गंभीर का नाम अपने पब के साथ इस्तेमाल कर रहे थे.

 पहले से है राजनीति में दिलचस्पी

 कठुआ रेप कांड हो या कश्मीर में सेना पर पथराव या फिर वो ट्रांस्जेंडरों का मामला ही क्यों ना हो गौतम गंभीर ने खुल कर अपनी राय रखी है. इसके आलावा सोशल मिडिया पर तो अक्सर ही वो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को निशाने पर लेते रहते है. अभी NGT के 25 करोड़ के फाइन वाले नोटिस के आने के बाद ही उन्होंने ट्वीट किया था कि दिल्ली के CM की बेरुखी की वजह से हुए प्रदुषण के लिए वो टैक्स नहीं देने वाले. इसके अलावा सिध्दू के पाकिस्तान जाने और वहीं PM के साथ दोस्ती पर उन्होंने कहा था कि जरुरी नहीं कि जो अच्छा क्रिकेट खेले वो अच्छा प्रधानमंत्री भी हो. सक्रीय रूप से गौतम गंभीर ने 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार किया था. तो वहीं अटकले यह भी लगायी जा रही हैं कि आने वाले चुनाव में वो बीजेपी की तरफ से दिल्ली में चुनाव भी लड़ें. यह देखना दिलचस्प होगा कि गौतम गंभीर रिटायरमेंट के बाद किस तरीके से अपने कैरियर को दिशा देते हैं. हालांकि विश्लेषक और विचारक उनकी राजनीति में आने की एक तरह से पुष्टि कर चुके हैं लेकिन अंतिम फैसला तो गौतम गंभीर खुद करेंगे बाहर हाल जो भी फैसला लें उनको शुभकामनाएं दी जा सकती है कि जिस प्रकार वह क्रिकेट की पिच पर बेबाक -बेखौफ होकर खेलें वहीं जिंदगी की अगली पिच पर उसी प्रकार से बेखौफ होकर बिना लाग लपेट के सीधे खेलें.

-विंध्यवासिनी सिंह 

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