'वाटर वे' से बदलेगी वाराणसी की तस्वीर

आखिर इनोवेशन की चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए देश में अगर आप खबरों की ओर ध्यान दें तो इतनी नकारात्मक खबरें दिखेंगी की कभी-कभी आपको प्रतीत होगा कि सच में कुछ सकारात्मक है भी या नहीं, या  सच में कुछ इनोवेटिव हो रहा है या कुछ इनोवेशन नहीं हो रहा है. मीडिया वास्तव में दो हिस्सों में बात हुआ  दिखता है एक तरफ वह लोग हैं जो सिर्फ उन्हीं बातों को दिखाते हैं जिनसे भावनात्मक रूप से समर्थन जुटाया जा सके अपने नेता के लिए वोट बटोरा जा सके. वहीं दूसरी तरफ ऐसा मीडिया है जिसे सिर्फ और सिर्फ सरकार की आलोचना ही दिखाई देती है वह भी कई बार तथ्यात्मक रूप से बिल्कुल गलत सिर्फ शोर मचाता हुआ सुनाई देता है. इसके कई उदाहरण दिया जा सकते हैं जैसे हाल फिलहाल राफेल का मुद्दा छाया हुआ है और अगर इसकी आलोचना की तरफ आप ध्यान दें तो सिर्फ और सिर्फ गुमराह करने वाली बातें ही सामने आ रही है. जैसे सीबीआई का मैटर उठा तो इसमें तर्क यह दिया जा रहा है कि सीबीआई के डायरेक्टर अपने आप ही इस मामले की जांच करने वाले थे जिसमें किसी प्रकार की प्रथम दृष्टया सच्चाई नजर नहीं आती है. यह एक अलग विषय है लेकिन इस आलोचना और भक्ति के दौर में क्या हम इनोवेशन इनोवेटिव खबरों की तरफ भी ध्यान दे रहे हैं यह एक बड़ा प्रश्न है. 

अभी आप देखें तो अपने हाल की वाराणसी  यात्रा में नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार जल परिवहन की योजना को मूर्त रूप देने की कोशिश की है वह अपने आप में अद्भुत है. हालांकि वाराणसी में जल थल और नव तीनों क्षेत्रों में परिवहन को बेहतर करने की कवायद हुई है परियोजनाएं उद्घाटित की गई लेकिन इन सब में जल परिवहन को प्रोफेशनल रूप देना बेहद चर्चित और इनोवेटिव कदम है. हवाई यातायात के बारे में हमें पता है कि वह बहुत महंगा है रेल यातायात पर भी काफी हद तक दबाव पड़ जाता है ट्रेनें लेट हो जाती है माल ढुलाई का काम लेट होता जाता है. ऐसे में कोलकाता हल्दिया से लेकर इलाहाबाद वाराणसी तक जल परिवहन गंगा के माध्यम से शुरू करना बेहद इनोवेटिव कदम माना जा सकता है. वहीं  PM मोदी के इस कदम की  इतनी चर्चा नहीं हुई जितनी मेनस्ट्रीम मीडिया में होनी चाहिए थी. आखिर क्या कारण है कि अच्छे कामों की ,इनोवेटिव कामों की चर्चा से मेनस्ट्रीम मीडिया बचता  रहता है जबकि अगर कोई नेता कुछ अनर्गल बयानबाजी करते तो वह उछल कूद मचा देता है. इतना ही नहीं अपनी उछल कूद के दौरान मिडिया यह  भूल जाता है कि असल में एक पत्रकार या मीडिया हाउस के तौर पर उसका मूलभूत कर्तव्य क्या है. इस सन्दर्भ में हम वाराणसी की बात करें तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के नाते अक्सर खबरों में यह दिखाया जाता है कि सांसद रहते PM ने वाराणसी का विकास नहीं किया. वहीं ग्राउंड रिपोर्ट की माने तो वाराणसी में निश्चय ही बदलाव और विकास दीखता है. 


वाराणसी की बदली तस्वीर 
 जैसा कि हम सब  जानते हैं कि PM मोदी वाराणसी से सांसद हैं और देश के प्रधानमंत्री ऐसे में लोगों की उम्मीदें अपने आप ही बढ़ जाती हैं कि वाराणसी का कायाकल्प हो जाना चाहिए. लेकिन अक्सर यह चर्चा होती हैं कि PM  ने वाराणसी के लिए कुछ नहीं किया. लेकिन अगर वास्तविक तथ्यों की बात की जाये तो वाराणसी में पिछले 4 सालों में  126 प्रोजेक्टों को पूरा करने का काम किया गया हैं. जिसमें सर्वाधिक वाराणसी के घाटों के सुंदरीकरण
की चर्चा रही. सिर्फ घाटें ही क्यों क्यों वाराणसी के सड़कों , तंग गलियों, सीवर से लेकर पेयजल तक की व्यवस्था में मोदी सरकार ने 4679.79 करोड़ खर्च किये हैं. और इस बात को वहां के मूल निवासी मानते भी हैं. वहीँ इस बात में कोई दो राय नहीं हैं कि पीएम मोदी के सरकार में वाराणसी में बिजली व्यवस्था काफी दुरुस्त हुई है. वहीं वाराणसी से बाबतपुर तक जाने वाले दो लेन वाले रास्ते को फोरलेन में तब्दील किये जाने की भी योजना है. इस योजना के पूरे हो जाने के बाद आप सोच सकते हैं कि एयरपोर्ट से आने वाले सवारियों के लिए कितनी सुविधा 
हो जाने के साथ है समय की काफी बचत भी हो जाएगी.

वाराणसी का "वाटर वे" बनेगा मिशाल 
 वाराणसी से हल्दिया के बीच वाटर वे का शिलान्याश कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय दिया है. बता दें की इस वाटर वे के निर्माण के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए व्यापर के नए रास्ते खुलेंगे. क्योंकि सड़क मार्ग की अपेक्षा इसमें काम लागत और कम समय लगेगा. वहीं अगर दूसरे पक्षों की बात करें तो अपने देश में महंगा हवाई किराया और अत्यधिक भार ढोते रेलवेज की हालत किससे छुपी है. आलम तो यह है कि शादी -व्याह और तीज -त्योहारों के समय में ट्रेन में सीट न मिलने और सड़क मार्ग अत्यंत व्यस्त होने के कारण कई बार लोग अपने घर तक नहीं पहुँच पाते है. वहीं इस मार्ग के शुरू होने के साथ ही मालवाहक जहाजों के साथ पब्लिक आवागमन को भी बढ़ावा मिल सकता है. वहीं जब एक जगह यह प्रयोग सफल हो गया तब देश भर में ऐसे नदियों को जोड़ कर परिवहन को नया आयाम देने के साथ ही काफी सुविधाजनक और सस्ता भी बनाया जा सकेगा. वाराणसी के वाजिदपुर में आयोजित PM मोदी की 15वीं  जनसभा में  स्वयं पीएम ने इस बात का ज़िक्र किया कि देश भर में इससमय 100 से भी ज्यादा  नैशनल वॉटर हाइवे पर काम चल रहा है और जल्दी ही इस निर्माण के साथ ही देश एक नयी तरह के परिवहन का आनंद लेगा. एक बात और निश्चित है कि गंगा नदी में क्रूज़ चलने से टूरिज़्म को भी बढ़ावा मिलेगा और टूरिस्टों के आने से निश्चित ही रोजगार बढ़ेगा.

इसके साथ ही अंत में एक बार इस बात को फिर से दुहराना चाहेंगे कि मिडिया के द्वारा आलोचना अपनी जगह उचित है लेकिन प्रयासों और कार्यों की सराहना भी की जानी चाहिए. ऐसा हो सकता है वाराणसी के विकास का जो सपना लोगों ने देखा होगा उसमें कोई कमी होगी लेकिन इसमें भी कोई शक नहीं है कि वाराणसी में बदलाव हुए हैं और वहां की जनता भी महसूस कर रही है.  इसलिए मिडिया को छोटे- छोटे बयानों के साथ ही छोटे -छोटे कार्यों को दिखाने में कोताही नहीं करनी चाहिए.


-विंध्यवासिनी सिंह 



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