छोटी-छोटी बातों में खोजें जीवन का आनंद


जीवन में अगर आप शांति पाना चाहते हैं तो आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत नहीं है बल्कि कुछ बहुत छोटी-छोटी चीजें आपके लिए मददगार साबित हो सकती हैं। इन चीजों में या इन चीजों के जरिए आप अपने लिए आनंद की तलाश कर सकते हैं।

अपने आप से रिश्ता जोड़िए

आप स्वयं ही अपने आपको बेहतर तरीके से समझ सकते हैं इसलिए मन की बात सुनने की कोशिश कीजिए। इसे इस तरह भी किया जा सकता है कि अपनी पसंद का कोई भी काम शुरू कीजिए। भले ही संगीत सुनिए, बागीचे में काम कीजिए या फिर कुछ इसी तरह और कुछ। तब आप खुद के साथ संवाद कर पाएंगे। जान पाएंगे कि आपके मन में क्या चल रहा है। लगातार जीते चले जाने से आप अपने मन की सुनना बंद कर देते हैं। जब आप अपनी पसंद के कामों में होते हैं तो आपके भीतर से वे चीजें बाहर आती हैं जो आपको संतुष्टि देती हैं। ये चीजें आपको रचनात्मक भी बनाती हैं और आपकी निराशा को भी दूर करती हैं।

जीवन में आस्था रखें

जिस किसी भी ईश्वर को आप मानते हैं या जिस किसी भी धर्म या गुरु में आपका विश्वास है उसकी शरण में कुछ समय बिताइए। यह आपको जीवन की आपधापी से मुक्त होने में मदद करेगा। जब आप आस्था से जुड़ते हैं तो आपके भीतर भी मजबूती आती है। आपका विश्वास और निश्चय दृढ़ होता है और दुविधा खत्म होती है।

खूब पढ़िए आगे बढ़िए

अगर जीवन को उत्साह और आनंद से परिपूर्ण करना है तो तरह-तरह के नए विषय पढ़ना चाहिए।

पढ़ना आपको समृद्ध बनाता है और नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर भी ले जाता है। कम से कम रोज 4 या 5 पृष्ठ पढ़कर ही सोने की आदत डालें। इस तरह आप अपने जीवन को कुछ सार्थक बनाने की ओर भी बढ़ते हैं।

ध्यान और स्वास्थ्य

बहुत से लोग सुबह या रात्रि के समय ध्यान करते हैं। अपने काम शुरू करने से पहले अगर आप रोज ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं तो उसका आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण असर होता है। इसे अपनाने से आप बेहतर निर्णय भी कर पाते हैं।

गहरी श्वास लें

पूरे दिन में अपने लिए ऐसा भी समय होना चाहिए जबकि आप कम्प्यूटर, टीवी, मोबाइल, आईपैड और अन्य मशीनों से दूर रह सकें और गहरी श्वास ले सकें। इस तरह श्वास का अभ्यास आपको अपनी अंतर्मन के भावों को जानने में मदद करेगा। आप यह जान सकेंगे कि मन के भीतर क्या चल रहा है। कुछ देर के लिए गहरी श्वास लेना आपको चिंताओं से मुक्त होने में भी मदद करेगा।

हंसिए और गीत गुनगुनाइए

माना कि काम के तनाव और दबाव के दौरान आपके लिए जोर से हंसना संभव नहीं है लेकिन शाम के समय जब आप काम से दूर हैं तो जोर से हंसना चाहिए। बिना किसी झिझक और संकोच के साथ इस तरह हंसिए कि आपकी सभी चिंताएं उसके साथ कहीं दूर चली जाए। पसंद का गीत सुनना भी सहज होने में मदद करता है।







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